इस आसन में शरीर का आकार कोन (कोण) के समान हो जाता है, इसलिए इसे कोनासन कहते हैं।

लाभः कफ की शिकायत दूर होती है।

बौनापन दूर करने में मदद मिलती है।

कमर तथा पसलियों का दर्द ठीक हो जाता है।

स्वास्थ्य के साथ-साथ सौंदर्य भी बढ़ता है।

विधिः दोनों पैरों को डेढ़-दो फुट के अंतर पर रखते हुए सीधे खड़े हो जायें। अब दायें हाथ को नीचे दायें पैर के पंजे पर रखते हुए बायें हाथ को ऊपर ले जायें। दृष्टि ऊपर हाथ की ओर हो। इस स्थिति में 5-6 सैकेण्ड रहें।

मूल स्थिति में आकर इसी क्रिया को पुनः दूसरी ओर से करना चाहिए। ध्यान रहे कि कमर का हिस्सा यथासम्भव स्थिर रहे। इसे 4-6 बार करें।

सावधानीः कुछ लोग इस आसन को जल्दी-जल्दी करने का प्रयत्न करते हैं और बार-बार करते हैं। उसमें विशेष लाभ नहीं। इसलिए इसे धीरे-धीरे करें।

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