• फ्रिज में मौजूद चीजें घरेलू नुस्खे के काम आ सकती है।home-remedies-fridge-633x319
  • नींबू जुकाम में काफी फायदेमंद होता है।
  • टी बैग को ठंडा कर आंखों पर रखें।
  • केला सूजन को कम करने का काम करता है।
  • ज्यादातर लोग छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दवाओं पर निर्भर होते हैं। वो यह नहीं जानते हैं कि जिन छोटी समस्याओं के लिए वो दवा की मदद ले रहे हैं उसे आपके फ्रिज में मौजूद चीजें भी ठीक कर सकती हैं। जी हां, रोजमर्रा के जीवन में कई समस्याएं होती है जिनके लिए दवाओं का सहारा लेना ठीक नहीं।फ्रिज खोले देखें उसमें बहुत सारे ऐसे सामान होंगे जिनका प्रयोग आप घरेलू नुस्खों के रुप में कर सकते हैं। यह नुस्खे पूरी तरह से प्राकृतिक और सुरक्षित माने जाते हैं। इनके प्रयोग से आपकी सेहत पर कोई विपरीत असर भी नहीं होगा तो आइए जानते हैं फ्रिज में मौजूद घरेलू नुस्खों के बारे में।

    केला

    केला सेहतमंद फलों में से एक है। यह ना सिर्फ आपको पोषण देता बल्कि इसके अलावा भी आपके काफी काम आता है। केले को छील कर ब्लैंड कर सकते हैं और फिर इसे सूजन कम करने के लिए प्रयोग में ला सकते हैं। इसे लगाने के थोड़ी देर बाद ही आपको फर्क नजर आने लगेगा।

    नींबू

    सर्दी जुकाम में नींबू का प्रयोग उपयोगी होता है। इससे हमारे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता बढती है। गुनगुने पानी में एक नींबू का रस निचोडकर और एक चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार पीना से सर्दी जुकाम में लाभ मिलता है।

    टी बैग

    क्या आप जानते हैं टी बैग आपके कितने काम आ सकती है? चाय बनाने के बाद भी यह बेकार नहीं होती है। चाय बनाने के बाद टी बैग फ्रीज में ठंडा होने के लिए रख दें और जब भी आपकी आंखों में थकावट या सूजन महसूस हो तो इस टी बैग का प्रयोग करें। इसके प्रयोग से आंखों की थकावट कुछ हू देर में गायब हो जाएगी और आपको काफी आराम मिलेगा।

    मटर के दाने

    अत्यधिक तनाव या सिर में दर्द होने पर कई तरह के घरेलू नुस्खे होते हैं लेकिन अगर आप एक प्लास्टिक बैग में मटर के दानों को फ्रीज में रख दें फिर इसे पांच से दस मिनट तक दर्द सिर के किनारों पर रखें। इसे आप एक से ज्यादा बार भी प्रयोग कर सकते हैं। इससे मिलने वाली ठंडक रक्त धमनियों को सिकोड़ता है जिससे दर्द में आराम मिल सकता है।

    शहद

    शहद में घाव को जल्‍द भरने का गुण होता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं जो कुछ बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकते हैं और इसलिए यह घावों, कटे और जले हुए स्थानों पर तथा खरोंच पर लगाया जाता है।

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