मुदं आनंदं राति लाति इति मुद्रा’ इस व्युत्पति के अनुसार, आनंद की प्राप्ति जिससे हो, उसे ‘मुद्रा’ कहते हैं। यहां प्रस्तुत है सिर दर्द में लाभदायक अकाल हरिमुद्रा।img1120524043_1_2 (1)

मुद्रा बनाने का तरीका- सावधान मुद्रा में खड़े होकर दोनों होथों को पूरी रह ऊपर की ओर उठा लें। फिर दोनों हाथों की अंगुलियों को खोलकर आकाश की तरफ उठाने से अकाल हरिमुद्रा बन जाती है।

इस मुद्रा का लाभ- अकाल हरिमुद्रा के नियमित अभ्यास से सिर का सुन्न होना, आधे सिर का दर्द, सिर दर्द और सिर से संबंधित सभी रोग समाप्त हो जाते हैं।

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