भारत ही नहीं भारत के बाहर भी योग दर्शन और आसनों को तोड़मरोड़कर नए तरीके से प्रस्तुत किए जाने का प्रचलन चल पड़ा है। हो सकता है‍ कि कुछ लोग इसका पक्ष लें और कुछ नहीं।

बेलिबास योगा, क्रिश्चियन योगा, पॉवर योगा, बिक्रम हॉट योग, एरोबिक्स, डॉगी योगा, आदि नाम से योग के ऐसे अनेकों फॉर्मेट विकसित किए जा रहे हैं जिन्हें योग कहें या नहीं यह बहस का विषय हो सकता है।

योग के ऐसे अनेकों आसन, प्राणायाम, सुक्ष्म व्यायाम और मुद्राओं को विदेशियों ने अपने तरीके ने नए पोश्चर में ढाल दिया है और बाजार में योग के स्टूमेंट भी उपलब्ध करा दिए हैं। इसी के चलते अब प्रचलन में आ रहा है जिसे एंटि ग्रेविटी योगा या एरियल योगा भी कहते हैं।

द सन में छपी खबर के अनुसार सेलिब्रिटी के बीच जीरो ग्रेविटी या का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। एक योग प्रशिक्षक है जिसका नाम है एश पेटर्सन। कहा जाता है कि पामेला एंडरसन और जेरी हेली इसके क्लाइंट रहे हैं।

वेस्ट लंदन के चेल्सिया में स्थित पेटर्सन की योगा क्लास में प्रशिक्षण ले रही एक नव प्रशिक्षु बेला बैटल ने द सन को दिए एक इंटरव्यू में अपने अनुभव बताए। उन्होंने कहा कि यह आश्चर्यजनक रूप से आपकी बॉडी को स्लिम बनाता है। आपके थुलथुल पेट को समतल बनाने के लिए यह बेहतर है। मैंने जब इसकी क्लास ज्वाइन की तो बहुत ही रोमांचक अनुभव रहा।

दरअसल इस योग में छत पर एक हुक पर झुला लटका होता है। इस झुले की दो रस्सियों के माध्यम से उल्टा लटका जाता है। रस्सियों में जंघा और पेट का हिस्सा ही फंदेनुमा बंधा होता है और फिर व्यक्ति इस तरह उल्टे लटकर ही झुला झुलता है। इस योग को करने वाले का सिर जमीन से लगभग 3 से 4 फिट उँचा होता है। कुछ देर झुलते रहने के बाद ‍विश्राम किया जाता है। विश्राम करने के बाद आप इसे अपनी क्षमता अनुसार फिर से शुरू कर सकते हैं।

इसके लाभ बताए जाते हैं कि यह थुलथुले पेट को बहुत ही तेजी से समतल और कमर को झरहरा बना देता है साथ ही यह चेहरे की झाइयां मिटाकर उसमें कसावट भर देता है। आंखों के नीचे का कालापन मिटा देता हैं और चेहरे की त्वचा को पुन: जवान बना देता है।

वैसे तो इस तरह का योगा हमारे भारत के अखाड़ों में या करतब दिखाने वाले समूह में किया ही जाता रहा है। अखाड़ों में खंबे और रस्सी के साथ मलखम किया जाता है, लेकिन माना जाता है कि यह विदेशों में दंगल के एक कलाबाज डु सोलेल के दिमाग की उपज है।

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