भारत के नागरिको,
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अगर आप भारत के सभी नागरिको को बन्दुक रखने की छूट देने की मांग का समर्थन करते है, तो अपने सांसद को एस.एम.एस. द्वारा ये आदेश भेजे :
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Right to Recall  (17)
माननीय सांसद मैं आपको आदेश करता हूँ कि, इस क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए। मतदाता संख्या : ######
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प्रिय सांसद/विधायक,

अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा ये यू.आर.एल. मिला है तो उसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है (न कि जिसने ये लेख लिखा है)

एस.एम.एस. भेजने वाला आपको लेख के `C` सैक्शन में कानून-ड्राफ्ट को अपने वेबसाईट, निजी बिल आदि द्वारा बढ़ावा करने और मांग करने के लिए आदेश दे रहा है –
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==========ड्राफ्ट का प्रारम्भ========
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1. [जिला कलेक्‍टर के लिए निर्देश]
यदि कोई नागरिक इस कानून में कोई बदलाव चाहता है तो वह जिलाधिकारी/डी सी के कार्यालय में जाकर एक एफिडेविट जमा करा सकता है और डी सी या उसका क्लर्क उस एफिडेविट को 20 रूपए प्रति पृष्‍ठ/पेज का शुल्‍क लेकर नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर स्कैन कर देगा ताकि बिना लॉग-इन उसको कोई भी देख सके ।

  1. [तलाटी अर्थात पटवारी अर्थात लेखपाल के लिए निर्देश]
    यदि कोई नागरिक इस कानून या इसकी किसी धारा के विरूद्ध अपना विरोध दर्ज कराना चाहे अथवा वह उपर के धारा में प्रस्‍तुत किसी एफिडेविट पर हां – नहीं दर्ज कराना चाहे तो वह अपने वोटर आई कार्ड के साथ तलाटी के कार्यालय में आकर 3 रूपए का शुल्‍क देगा । तलाटी हां-नहीं दर्ज कर लेगा और उसे एक रसीद/पावती देगा। यह हां – नहीं प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ डाला जाएगा।
  2. [सभी]
    हाँ-ना की संख्या प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, अफसरों और जज पर बाध्य नहीं होंगे |
  3. [प्रधानमंत्री के लिए निर्देश]
    प्रधानमंत्री हर जिले में एक जिला हथियार अधिकारी की नियुक्ति करेंगे।
    प्रधानमन्त्री जिला हथियार अधिकारी को प्रजा अधीन करने की प्रक्रिया को गेजेट में प्रकाशित करेंगे ।
    (देखिये सैक्शन C7)
  4. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    रक्षा मंत्री इन श्रेणियों में हथियारों की एक सूची प्रकाशित करेगा –
    (A) छोटी बंदूके।
    (B) मध्यम आकार की बंदूके।
    (C) बड़ी बंदूके।
    (D) होवित्ज़र तथा होवित्ज़र किस्म के अन्य प्रकार।
    (E) टेंक तथा टेंक के अन्य प्रकार।
    (F) कारतूस, गोले तथा कारतूस व गोलों के अन्य प्रकार।
    (G) प्रक्षेपास्त्र (मिसाइल) तथा प्रक्षेपास्त्र के अन्य प्रकार।
    (H) लड़ाकू विमान तथा लड़ाकू विमानों के अन्य प्रकार।
    (I) सेना द्वारा स्वीकृत और उपयोग किये जाने वाले अन्य उपकरण ।
  5. [सभी]
    कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 22 वर्ष से अधिक तथा कुल संपत्ति 10 लाख से अधिक हो (इस संपत्ति में एक घर जिसकी कीमत 1 करोड़ तथा फर्नीचर जिसकी कीमत 10 लाख हो, को शामिल नहीं किया जाएगा ), उस नागरिक के लिए एक छोटी बन्दूक तथा 100 कारतूस अपने घर पर रखना आवश्यक होगा ।

कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 22 वर्ष से अधिक तथा कुल संपत्ति 20 लाख से अधिक हो (इस संपत्ति में एक घर जिसकी कीमत 1 करोड़ तथा फर्नीचर जिसकी कीमत 10 लाख हो, को शामिल नहीं किया जाएगा ), उस नागरिक के लिए एक मध्यम आकार की बन्दूक तथा 100 कारतूस अपने घर पर रखना आवश्यक होगा ।

कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 22 वर्ष से अधिक तथा कुल संपत्ति 30 लाख से अधिक हो (इस संपत्ति में एक घर जिसकी कीमत 1 करोड़ तथा फर्नीचर जिसकी कीमत 10 लाख हो, को शामिल नहीं किया जाएगा ), उस नागरिक के लिए एक बड़ी बन्दूक तथा 100 कारतूस अपने घर पर रखना आवश्यक होगा ।

कोई भी नागरिक किसी भी श्रेणी की दो बंदूके रख सकेगा ; दो से अधिक बंदूके रखने के लिए किसी व्यक्ति को जिला पुलिस कमिश्नर से लाइसेंस लेना होगा ।

  1. [सभी]
    कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 22 वर्ष से अधिक तथा संपत्ति उपरोक्त धाराओं में बताई गयी से कम हो (10 लाख से कम हो), वो नागरिक छोटी, मध्यम या बड़े आकार की कोई भी बन्दूक अपने घर पर रख सकेगा ।
  2. [सभी]
    कोई भी नागरिक जिस भी श्रेणी की बंदूक रखेगा, उसके लिए उस बन्दूक को जिला हथियार अधिकारी तथा जिला पुलिस कमिश्नर कार्यालय में रजिस्टर कराना आवश्यक होगा ।
  3. [जिला हथियार अधिकारी, जिला पुलिस कमिश्नर, किसी भी नागरिक और महा-जूरी मंडल (ग्रैंड जूरी) के लिए निर्देश]
    जिला हथियार अधिकारी, जिला पुलिस कमिश्नर या कोई भी नागरिक, किसी भी व्यक्ति के हथियार रखने को प्रतिबंधित करने के लिए जिला महा-जूरी मंडल (ग्रैंड जूरी) से ज्यूरी ट्रायल के लिए निवेदन कर सकेगा ।
    महा-जूरी मंडल (ग्रैंड जूरी) यह बहुमत से यह निश्चय करेगी कि क्या ज्यूरी द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए या नही, महा-जूरी मंडल (ग्रैंड जूरी) जूरी सदस्यों की संख्या भी तय करेगा । जिला ज्यूरी प्रशासक को अधिकार होगा कि वह ज्यूरी सदस्यों की संख्या बढ़ा सके ।
  4. [जूरी सदस्यों के लिए निर्देश]
    जूरी सदस्य बहुमत से यह फैसला करेंगे कि, आरोपी के हथियार रखने को प्रतिबंधित किया जाए या नहीं, जूरी सदस्य ऐसे प्रतिबन्ध की अवधि भी निर्धारित करेंगे । तय अवधि बीत जाने पर अन्य ज्यूरी यह फैसला करेगी कि, आरोपी को हथियार रखने की अनुमति दी जानी चाहिए या नहीं ।
  5. [जिला हथियार अधिकारी तथा नागरिकों के लिए निर्देश]
    यदि कोई नागरिक या जिला हथियार अधिकारी ग्रांड जूरी सदस्य को शिकायत करता है कि, कोई व्यक्ति निर्धारित नियमों के अनुसार बंदूक या कारतूस अपने घर पर नहीं रख रहा है, तो महा-जूरी मंडल (ग्रैंड जूरी) सदस्य यह फैसला कर सकेंगे कि ऐसे आरोपी पर ज्यूरी द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए या नहीं ।
  6. [जूरी सदस्यों के लिए निर्देश]
    यदि यह आरोप सिद्ध होता है कि आरोपी निर्धारित नियम के अनुसार बंदूक तथा कारतूस अपने घर पर नहीं रख रहा है, तो जूरी सदस्य ऐसे व्यक्ति पर उसकी संपत्ति के 5% के अनुपात तक जुर्माना (इस संपत्ति में 1 करोड़ का घर तथा 10 लाख तक का फर्नीचर शामिल नहीं किया जाएगा ) और / या 2 माह के कारावास की सजा सुना सकेंगे ।
    अपवादित मामलों को छोड़कर, प्रथम अपराध के लिए यह जुर्माना 2% तक, द्वितीय अपराध के लिए 4% तक तथा तीसरे तथा अन्य अपराधों के लिए यह जुर्माना 5% तक हो सकेगा । प्रथम अपराध कारावास द्वारा दंडनीय नहीं हो सकेगा ।
  7. [जिला हथियार अधिकारी के लिए निर्देश ]
    जिला हथियार अधिकारी प्रतिदिन महा-जूरी मंडल (ग्रैंड जूरी) की उपस्थिति में मतदाता सूची से 0.01% वयस्क नागरिको का चयन लॉटरी से करेगा | जिला हथियार अधिकारी या उसके कर्मचारी लॉटरी से चुने हुए नागरिकों के यहाँ जाकर ये सुनिश्चित करेगा कि उन नागरिकों के पास निर्धारित नियम के अनुसार बन्दूक तथा कारतूस रख रहे है या नहीं ।
  8. [जिला हथियार अधिकारी के लिए निर्देश ]
    नागरिकों को बन्दूक, होवित्ज़र, टेंक, विमानरोधी प्रक्षेपास्त्र, हेलिकोप्टर तथा लड़ाकू विमान आदि चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए, जिला हथियार अधिकारी उपकरणों, हथियारों और टेनिंग (प्रशिक्षण) मैदान की व्यवस्था करेगा, तथा इन गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक धन (निधि) रक्षा मंत्री से प्राप्त करेगा। प्रशिक्षण शुल्क प्रशिक्षुओं (ट्रेनिंग लेने वाले) द्वारा देय होगा, तथा प्रशिक्षण शुल्क दरें जिला हथियार अधिकारी द्वारा निर्धारित की जाएँगी ।
  9. [जिला हथियार अधिकारी के लिए निर्देश ]
    प्रशिक्षण के लिए हथियारों तथा अन्य उपकरणों की खरीद आदि की व्यवस्थाओं के लिए जिला हथियार अधिकारी नागरिकों से अनुदान तथा चंदे स्वीकार कर सकता है ।
  10. [जिला हथियार अधिकारी के लिए निर्देश ]
    जिला हथियार अधिकारी सभी नागरिकों के लिए अनिवार्य ट्रेनिंग (प्रशिक्षण) तथा वैकल्पिक टेनिंग (प्रशिक्षण) के नियम निर्धारित करेगा । जिला हथियार अधिकारी के अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम की घोषणा करने पर, जिला क्षेत्र में रहने वाले 22 से 50 वर्ष की आयु के सभी नागरिकों के लिए 2 वर्ष के भीतर प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा ।
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    टीसीपी – जनता की आवाज
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    1.

[कलेक्टर (या उसका क्लर्क) को निर्देश ]

राष्ट्रपति कलेक्टर को आदेश देता है कि यदि कोई भी नागरिक मतदाता, यदि खुद हाजिर होकर, एफिडेविट पर अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी / भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद / कोई प्रस्ताव या कोई अन्य एफिडेविट कलेक्टर को देता है और प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर रखने की मांग करता है, तो कलेक्टर (या उसका क्लर्क) उस एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर, सीरियल नंबर देकर, एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा, नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ, ताकि सभी बिना लॉग-इन के वे एफिडेविट देख सकें ।

2.

[पटवारी अर्थात तलाटी अर्थात लेखपाल (या उसका क्लर्क) के लिए निर्देश]

(2.1) राष्ट्रपति पटवारी को आदेश देता है कि यदि कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क (फीस) लेकर, तो पटवारी नागरिक का मतदाता कार्ड संख्या, नाम, उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करके रसीद दे देगा ।
नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी । गरीबी रेखा के नीचे के नागरिकों के लिए शुल्क 1 रूपये होगा ।

(2.2) नागरिक पटवारी के दफ्तर जाकर किसी भी दिन अपनी हाँ या ना, बिना किसी शुल्क के रद्द कर सकता है और तीन रुपये देकर बदल सकता है ।

(2.3) कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम भी बना सकता है, जिससे मतदाता का फोटो, अंगुली के छाप रसीद पर डाला जा सके | और मतदाता के लिए फीडबैक (पुष्टि) एस.एम.एस. सिस्टम बना सकता है |

(2.4) प्रधानमंत्री एक ऐसा सिस्टम बना सकता है, जिससे मतदाता अपनी हाँ या ना, 10 पैसे देकर एस.एम.एस. द्वारा दर्ज कर सके |

3.

[सभी नागरिकों, अधिकारियों, मंत्रियों के लिए सूचना]

ये कोई रेफेरेनडम / जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्यायधीश, सांसद, विधायक, अदि पर अनिवार्य नहीं होगी । लेकिन यदि भारत के 40 करोड़ नागरिक मतदाता, कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करें, तो प्रधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे भी सकते हैं या ऐसा करना उनके लिए जरूरी नहीं है, या इस्तीफा दे सकते हैं । उनका निर्णय अंतिम होगा ।
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=============ड्राफ्ट की समाप्ति========

 

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