इस लेख में मानव दृष्टिकोण और व्यवहार के बारे ऐसे ही कुछ रोचक तथ्यों की जानकारी दी गई है जो आपने पहले कभी नहीं सुनी होगी ।

मानव व्यवहार के बारे में कभी नहीं सुनने वाले तथ्य

हमें दूसरे के अजीब व्यवहार के लिए उसे दोष देने के लिए ज्यादा समय नहीं लगता है। एक ओर जहा हम गलत आचरण करने के लिए दूसरों पर आरोप लगाते हैं वहीं दूसरी ओर हम जल्दी से अपने अस्वीकार्य व्यवहार के लिए बहाने बनाने लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह पता की कोशिश की, कि इंसान इस तरह का बर्ताव क्यों करता है। मानव व्यवहार के तथ्यों के बारे में जानने के लिए मनोवैज्ञानिकों द्वारा कई अध्ययन किए गए हैं।

 

अपमानजनक व्यवहार से आत्मविश्वास पुनर्स्थापित

हम में से कई लोगों का विश्वास है कि दूसरों के बारे में नकारात्‍मक कहना सही होता है। और यह सब हमारे सम्मान या विश्वास के साथ संबद्ध नहीं होता है। हालांकि तथ्य यह है कि जब हम दूसरों को अपमानित करते हैं तो यह हमारे आत्मविश्वास और सम्मान को पुनःस्थापित करने में मदद करता है।

 

खुशी से आनुपातिक होता है टेस्टोस्टेरोन स्तर

मानव व्यवहार के बारे में एक आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि हम में से कई लोगों का टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर दूसरों के क्रोध से खुशी निकालता हैं ।

 

मनुष्य में आत्मसम्मान की कमी, दूसरों को नीचा दिखाती है

मनुष्य जिनमें आत्मसम्मान की कमी होती है और खुद के बारे में आश्वस्त नहीं होते हैं या दूसरों को अपमानित करने की कोशिश करते हैं। वह अपनी विफलता के लिए दूसरों को दोषी मानते हैं ।

 

कठोर सतह आपको कठोर बनाती है

क्या आप जानते हैं कि आप जिन सतहों के संपर्क में आ‍ते हैं वह आपके व्यवहार को नियंत्रित करता है। आप एक कठोर कुर्सी पर बैठने से कठोर हो जाते हैं। कठोर सतह, दूसरों के साथ आपके संबंधों को बहुत अधिक जटिल बनाती है और आप दूसरों के साथ और अधिक कठोर पेश आते हैं।

 

झूठ बोलना दिमाग के लिए एक काम है

जब आप सच के बारे में तथ्य जानना चाहते हो और सच्चा बनना चाहते हो तो आपका मन आराम से राज्य में रहते हैं। जब आप झूठ बोलते हैं तो आपका मस्तिक झूठ के साथ सच्चाई के बारे में भी सोचता है। इसमें मानसिक प्रयास की बहुत आवश्यकता होती है। क्योकि झूठे को सरल शब्दों के बारे में सोचना पड़ता है और मानसिक गतिविधि के साथ मुकाबला मुश्किल हो जाता है।

 

निगरानी पर बेहतर व्यवहार

जब मनुष्य को कोई देख रहा होता है तो वह मास्क पहनने का नाटक करता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि जब व्यक्ति को पता चलता है कि उसे देखा जा रहा है तो वह अच्छे ढ़ंग से बर्ताव करता है। लेकिन वहीं व्यक्ति पूरी तरह से अलग बर्ताव करता है जब वह सोचता है कि उसे कोई नहीं देख रहा है।

 

दिखावा एक भ्रामक

मानव की यह प्रवृत्ति होती है कि वह अच्छे दिखने वाले लोगों पर ज्यादा विश्वास करते है। यह मानव सद्भाव है कि वह जर्जर दिखने वाले व्यक्ति की तुलना में अच्छी तरह से तैयार व्यक्ति को स्वीकार करता है। चाहे अच्छे दिखने वाले व्यक्ति निष्ठाहीन हो।

 

अमीर और सफल लोगों को अधिक बुद्धिमान मानना

हम अक्सर यह मानते हैं कि अमीर लोग, असितत्व के लिए मेहनत करने वाले लोगों की तुलना में अधिक बुद्धिमान और विश्वास के लायक होते हैं। हम सोचते हैं जो व्यक्ति उचित आजीविका कमाने में सक्षम नहीं होता है, वह बुद्धिमान होने का  हकदार नहीं होता ।

 

जल्दबाजी में लिए गए निर्णय हमेशा सही नहीं होते

जल्दबाजी में लिए गए निर्णयों पर हमेशा अफसोस होता है। भले ही आपके निर्णय आपके लिए क्या परिणाम लेकर सामने आए है, लेकिन आप बहुत जल्दी में निर्णय ले लेते हैं। हम को अक्सर इस बात का बहुत अफसोस होता है कि हमने परिणाम से पहले योजना प्रक्रिया में अधिक समय खर्च करना चाहिए था ।

कार्य की जटिलता से निर्णय प्रभावित

मानव की यह प्रवृत्ति है कि काम जटिल लगने पर वह उसे बीच में ही छोड़ देता है। अगर एक व्यक्ति को अपनी घरेलू जरूरतों के लिए उत्पादों की श्रृंखला के बीच चयन करने के लिए दिया जाये और इस स्थिति में वह जटिलता का अनुभव करता है तो वह निश्चित रूप से कुछ भी खरीदने से पहले ही सब कुछ ख़त्म कर देगा ।

 

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