1
Source

फेसबुक पर फर्जी गर्ल आईडी बनाकर युवकों को बेवकूफ बनाने वाले लोगों की आज कोई कमी नहीं है। युवक भी महिला के नाम से बनी आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आते ही बिना सोचे-समझे कन्फर्म कर देते हैं। या फिर खुद कोई नाम सर्च कर आईडी ढूंढ़ते हैं और फ्रेंड्स बना लेते हैं। इस तरह के फेक आईडी आपको केवल बेवकूफ बनाकर फायदा उठाने के लिए तैयार किए जाते हैं। या हो सकता है ऎसा करके कुछ लोगों को संतुष्टि मिलती हो।
ऎसे भी मामले देखे गए हैं जब कोई मनचला किसी असली गर्ल आईडी से दोस्ती करने के लिए फेक गर्ल आईडी बनाता है और बाद में उसका गलत फायदा उठाता है। कारण चाहे जो भी हो, जो लोग फेक आईडी के फ्रेंड बन जाते हैं उनको मानसिक तनाव तो होता ही है। इसके साथ कभी कभार अपनी बेवकूफी पर शर्मिन्दगी भी झेलनी पड़ती है। तो फिर कैसे मालूम चले कि कोई गर्ल आईडी फेक है यानि कि या तो वह आईडी किसी मनचले ने बनाई है या फिर चाहे वह रियल युवती ही क्यों ना हो, आपसे निजी जानकारी लेना चाहती हो और उसका उपयोग ब्लैकमैलिंग में करना चाहती हो। फेक आईडी पकड़ने के लिए सबसे पहले उस अकाउंट की प्रोफाइल फोटो पर गौर करें। अगर पूरे अकाउंट में सिर्फ एक ही प्रोफाइल फोटो हो, तो यह साफ हो जाता है कि वह फेक या फर्जी फेसबुक अकाउंट है।

 

Source
Source

स्टेट्स अपडेट भी बताता है बहुत कुछः फेक आईडी की सबसे बड़ी पकड़ यह है कि ऎसे आईडी वाले लोग लम्बे समय तक अपना स्टे्टस अपडेट नहीं करते हैं। ऎसा फेसबुक अकाउंट जिसके द्वारा ना तो कोई वॉल पोस्ट की गई हो, ना किसी फ्रेंड के स्टेट्स पर कमैंट किया हो, तो यह निष्कर्ष निकलता है कि वह फेक अकाउंट है और अपनी पहचान जाहिर ना हो इसलिए कोई एक्टिविटी नहीं कर रहा है।

 

Source
Source

रिसेंट एक्टिविटी खोल देती है पोल:- प्रोफाइल फोटो, स्टेट्स अपडेट के बाद आपको संभावित फेक आईडी की रिसेंट एक्टिविटीज पर गौर करना चाहिए। यूजर आपके फ्रेंड्स को ही एड कर रहा है और नए फ्रेंड्स बना रहा है और उसने किसी फेसबुक पेज या फिर गु्रप को ज्वॉइन नहीं कर रखा है, तो यह साफ हो जाता है कि वह केवल फ्रेंड्स की संख्या बढ़ाने में लगा है और फेक आईडी से काम कर रहा है।

 

Source
Source

फ्रेंड लिस्ट में से भी मिलती है जानकारी :- फेक फेसबुक आईडी की पहचान में उसकी फ्रेंड लिस्ट भी काफी मदद करती है। अगर संभावित आईडी के फ्रेंड्स में अपोजिट सेक्स के लोग बहुत ज्यादा हैं, तो समझा जाता है कि वह फेसबुक अकाउंट फर्जी है। विपरीत लिंग के लोगों का किसी प्रोफाइल में ज्यादा जुड़ा होना यह भी बताता है कि वह या तो मजे के लिए बनाया गया आईडी है या फिर डेटिंग के लिए लोगों को फांस रहा है।

 

Source
Source

अबाउट तो देखना ही चाहिए:- इन सब हथियारों पर किसी आईडी को परखने के बाद आपको उस फेक लगने वाली आईडी का “अबाउट” पेज देखना चाहिए। अगर यूजर ने अपनी स्कूल, कॉलेज, काम की जगह, रहने का स्थान जैसी जानकारियां नहीं दे रखीं हैं और डेटिंग ऑप्शन को ऑन किया हुआ है और महिला, पुरूष दोनों में इंट्रेस्टेड है, तो यह भांपने में देर नहीं लगानी चाहिए कि वह आईडी फर्जी या फेक है।

 

Source
Source

ये हरकत आम है फेक आईडीज में: – फर्जी फेसबुक अकाउंट्स की सबसे कॉमन या आम हरकत यह होती है कि ये लोग जन्म दिनांक एक ही तरह से यूज करते हैं। जैसे कि 1-1-1990/1996 इत्यादि या फिर 31-12-1990/1996 इत्यादि। ऎसा करने की वजह होती है जो फर्जी जन्म दिनांक उन्होंने यूज करी है वह उनको याद रहे। और इसके हिसाब से वे अपनी उम्र कम ज्यादा करके बताकर लोगों को फंसा सके।

 

Source
Source

मोबाइल नंबर भी है क्या? अरे, वाह :- बहुत से युवक यह देखकर अतिप्रसन्न हो जाते हैं कि किसी गर्ल फेसबुक आईडी ने अपना मोबाइल नंबर भी कांटेक्ट इंफो में दे रखा है। फेक फेसबुक प्रोफाइल्स में यह बात आम है, लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि कोई भी आम लड़की अपने मोबाइल नंबर जनता में बांटेगी क्या? इसलिए विचार करें कि कोई भी ऎसी जानकारी जो लोग देना कम पसंद करते हैं, वह कोई क्यों दे रहा है।

 

Source
Source
आपने मित्रता की, इसके लिए शुक्रिया: – किसी भी प्रोफाइल की रिसेंट वॉल पोस्ट पर ध्यान दीजिए। अगर बहुत सारे लोग इन्हें थैंक्यू फॉर द एड मी, डू आई नो यू जैसे मैसेज पोस्ट कर रहे हैं और ऎसे प्रश्नों और कम्प्लीमेंट्स का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा, तो ऎसी प्रोफाइल के फर्जी होने के चांसेज बेहद ज्यादा हैं।

 

Source
Source
फेसबुक एप यूज किया कि नहीं:- फेसबुक पर रहने वाला कमोबेश हर बंदा किसी ने किसी ऎप को जरूर यूज करता है या फिर लाइक करता है। जैसे कैंडी क्रश सागा, तीन पत्ती इत्यादि। ये प्रोफाइल अपने दोस्तों और नजदीकी रिश्तेदारों को भी ऎप यूज करने की रिक्वेस्ट भेजते हैं। अगर किसी प्रोफाइल में ऎसा देखने को नहीं मिले, तो समझिए कुछ गड़बड़ है। हालांकि यह केवल अकेला ऎसा कारण नहीं है जिससे फेक आईडी को जान सकें, लेकिन फेक आईडी पकड़ने में मदद जरूर करती है।

 

Source
Source
फोटो फर्जी है या नहीं, बताता है गूगल:- अगर आपको पूरा यकीन हो चुका है कि कोई फेसबुक अकाउंट फर्जी है, तो गूगल में उसकी प्रोफाइल फोटो को तलाश करें। अमूमन फेक प्रोफाइल फोटोज को गूगल सलेक्ट कर लेता है और अपने पास स्टोर कर लेता है। जब आप ऎसी फोटो को गूगल इमेज में लेजाकर ड्रॉप करते हैं, तो गूगल उसकी पूरी हिस्ट्री बताने के साथ फेक या ओरिजनल की तस्वीर साफ कर देता है।
Advertisements